10 डिक्टेशन(हिंदी माध्यम) का कैप्‍सूल-3

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डिक्‍टेशन-01

महोदय, वित्त मंत्री द्वारा जो बजट प्रस्तुत किया गया है, उसमें गांवों, गरीबों और किसानों के हितों की तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया है। अगर हम पिछले बजट और इस बार के बजट में तुलना करें, तो दोनों बजटों में कोई फर्क नहीं है। पिछले बजट के परिणामों को इस देश की जनता अभी तक भुगत रही है। मंत्री जी सोचते हैं कि जब आर्थिक विकास की दर बढ़ेगी, तो उससे समस्याओं का निदान हो जाएगा। लेकिन योजना आयोग सोचता है कि गांव, गरीब की दरिद्रता को दूर करने के लिए उनकी आर्थिक स्थिति को ऊपर उठाना आवश्यक है। जब तक उनकी आर्थिक स्थिति को ऊपर नहीं उठाएंगे, तब तक देश की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हो सकती है। खास तौर से हमारी अर्थव्यवस्था खेती पर निर्भर करती है। इस देश का किसान दिन-प्रति-दिन आर्थिक दृष्टि से कमजोर होता जा रहा है। क्या आप आजादी के इतने वर्षों बाद भी किसान को उसकी खेती का लाभकारी मूल्य दे पा रहे हैं? जब तक किसान को उसकी खेती का लाभकारी मूल्य नहीं मिलेगा, तब तक इस देश का किसान आत्महत्या करने पर मजबूर होता रहेगा।

आज स्थिति है कि जहां फैक्टरी का मालिक अपनी वस्तुओं के मूल्‍य खुद तय करता है। वह वस्तुओं के लाभकारी मूल्य में खर्च, लागत, मुनाफा आदि जोड़ कर उनका मूल्‍य स्वयं तय करता है और बाजार में बेचता है, वहां किसान अधिक मूल्‍य के लिए 10-15 रुपए के लिए सरकार की ओर देखता है और सरकार कहती है कि इस साल हमने दस-पांच-चार रुपए बढ़ा दिए, क्या किसान इतने पैसों से अपना जीवन यापन कर सकेगा? जब तक हम किसान को लाभकारी मूल्य नहीं देंगे, तब तक इस देश का किसान आत्मनिर्भर नहीं हो सकता है। मैं मंत्री महोदय से निवेदन करना चाहता हूं कि बजट में बहुत सी बातें कही जाती हैं, लेकिन आप देखें कि किस तरह से किसान को लाभकारी मूल्य दे सकते हैं। इस बात का मंत्री जी अपने उत्तर में जरूर उल्लेख करें – चाहे किसान कोई भी खेती करता हूं, चाहे नारियल की ही खेती करता हो, आपको जरूर देखना चाहिए कि किस तरह से उन्हें लाभकारी मूल्य दे सकते हैं।

महोदय, अभी हमारे बहुत से सांसद साथियों ने कहा कि अब मार्च महीना चल रहा है और इस महीने में अचानक बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों को बुरी तरह तोड़ दिया है। ऐसे अवसरों पर उन्हें विशेष आर्थिक सहायता देने के बारे में सरकार को विचार करना चाहिए। किसानों के ऊपर कर्जे का जो निरन्तर चक्र बना हुआ है उसे समाप्त करने के लिए सरकार को 15 या 20 हजार रुपए तक के किसानों के कर्जों को माफ करने के बारे में विचार करना चाहिए, जिससे किसान आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकें।//445//

डिक्‍टेशन-02

अध्यक्ष महोदय, मैं आपकी अनुमति से अपना वक्तव्य सभापटल पर रखता हूं। दिनांक 16.01.2007 को उत्तर रेलवे के पानीपत स्टेशन के समीप एक गाड़ी के दो डिब्बों में रात्रि के लगभग 11 बजे बम विस्फोट के कारण अकस्मात् आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। घटना के तुरन्त बाद पानीपत से रेलवे अधिकारी एवं राहत दल घटना स्थल पर पहुंचे। रेलवे बचाव एवं राहत दलों को दिल्ली एवं अम्बाला से भी दुर्घटना स्थल के लिए रवाना किया गया तथा उत्तर रेलवे मुख्यालय एवं दिल्ली मंडल के उच्चाधिकारी भी तुरंत घटना स्थल के लिए रवाना हुए। रेलवे एवं स्थानीय प्रशासन के अग्नि शामक एवं चकित्सीय बचाव दलों की मदद से युद्ध-स्तर पर राहत कार्य शुरू किया गया। माननीय रेल राज्य मंत्री, अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड, महानिदेशक, रेलवे सुरक्षा बल, महानिदेशक, रेल स्वास्थ्य सेवाएं इतयादि वरिष्ठ पदाधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंचे। मैंने स्वयं घटना स्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। हमने सफदरजंग अस्पताल जा कर घायल व्यक्तियों से भी मुलाकत की और सभी आवश्यक उपचार व्यवस्था करने के निर्देश दिए। माननीय गृह मंत्री ने भी घटना स्थल का दौरा किया।

महोदय, मैं यह चौथा रेल बजट प्रस्तुत करते हुए बेहद कृतज्ञ एवं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। अध्यक्ष महोदय, माननीय सोनिया गांधी जी के मार्गदर्शन में और प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में आज भारतीय रेल इज़ाफे की ओर जा रही है । यह गरीबोन्मुखी बजट है, इस बजट को ये लोग सुनना नहीं चाहते हैं। मुझे गर्व इस बात का है क आम जनता पर कोई बोझ डाले बिना रेलवे गत वर्ष वे 14 हजार 700 करोड़ रुपये की तुलना में इस वर्ष बीस हजार करोड़ रुपये का मुनाफा भारतीय रेल ने बनाया है। यात्री व्यवसाय महोदय, यात्री किराया बढ़ाने से प्रति यात्री आय तो बढ़ सकती है लेकिन जरूरी नहीं क इससे ट्रेन से प्राप्त होने वाली आमदनी में भी इजाफा हो। हमने चालू वर्ष में लोकप्रिय गाड़ियों में सात सौ अतिरिक्‍त डिब्बे लगाकर न वेवल जरूरतमंद लोगों को यात्रा कराई अपितु रेलवे की आमदनी भी बढ़ाई।

हैदराबाद भारत की एक सांस्कृतिक नगरी है जहां की आबादी 60 से 70 लाख के करीब है तथा जिसमें कई सम्प्रदाय के लोग शांतिपूर्वक रहते हैं, दक्षिण भारत का एक व्यापारिक क्षेत्र बनता जा रहा है और इस नगरी ने सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है जिसके कारण विदेशी लोग बड़ी संख्या में आ रहे हैं, परंतु हैदराबाद में जगह जगह फैली गंदगी और बिना योजनागत ढांचे के कारण हैदराबाद की सुन्दरता को ठेस पहुंच रही है। मैं सदन के माध्यम से सरकार से अनुरोध करता हूं कि हैदराबाद शहर को सुंदर बनाने हेतु केन्द्र स्तर पर प्रयास किये जाएं।//432//

डिक्‍टेशन-03

अध्यक्ष महोदय, मेरे संसदीय क्षेत्र मेहसाणा में हजारों की तादाद में तेल के कुएं हैं जिनसे ओ0एन0जी0सी0 अरबों रूपये का तेल एवं गैस निकलाती है। ओ0एन0जी0सी0 ने अभी हाल ही में अपने एक विज्ञापन में बताया है कि जिन क्षेत्रों में तेल एवं गैस निकले जाते हैं उनसे प्राप्त लाभ का एक प्रतिशत उस क्षेत्र के विकास कार्य एवं सामाजिक दायित्व को पूरा करने के लिए खर्च किया जाता है परंतु इस सदन को यह बताते हुए खेद हो रहा है कि ओएनजीसी ने कभी भी मेरे क्षेत्र मेहसाणा में तेल एवं गैस से हुए लाभ का एक प्रतिशत खर्च नहीं किया है। ओएनजीसी जहां से भी तेल और गैस निकाल रही है उनमें से सबसे उच्च क्वालिटी का तेल मेहसाणा में मिल रहा है। ओएनजीसी के कुल भ में मेहसाणा की देन 34 प्रतिशत के करीब है। ओ0एन0जी0सी0 के कार्य से मेरे संसदीय क्षेत्र की भूमि खराब हो रही है, पेयजल में फ्लोराइड पैदा हो गया है तथा भूमि जलस्तर 1400 फुट के करीब चला गया है। मेरा सदन के माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि मेरे संसदीय क्षेत्र मेहसाणा से हुए लाभ का एक प्रतिशत ओएनजीसी स्थानीय विकास के लिए खर्च करे।

अध्यक्ष महोदय, सदन के माध्यम से माननीय सूचना प्रसारण मंत्री जी का जनहित एवं राष्ट्रहित के महत्वपूर्ण समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए अवगत कराना चाहता हूं कि राष्ट्रीय चैनल दूरदर्शन जो गांव गांव तक उपलब्ध है जिसके दर्शक संपूर्ण भारतवर्ष के किसान, गरीब नौजवान हैं, पर पर्यावरण से संबंधित कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाती है जबकि विदेशी निजी चैनलों के द्वारा पर्यावरण के संबंध में 14 घंटों का कार्यक्रम चला रखा है किंतु इसकी पहुंच गांवों तक नहीं है। पर्यावरण के संबंध में जानकारी नहीं होने से पेड़-पौधे काटे जा रहे हैं एवं पर्यावरणीय संकट उत्पन्न हो गया है। अत: माननीय मंत्री जी से आग्रह है कि दूरदर्शन जो सरकार के अधीनस्थ चैनल चलाने की कृपा करें जिससे कि दूरदराज के गरीब किसान नवयुवक को पर्यावरण के संबंध में जानकारी मिल सके एवं पर्यावरणीय संकट कम हो सके।

जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकृत मिशन के अंतर्गत शामिल पटना और बोधगया के विकास के लिए आज तक कोई कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। वैसे ही बिहार पिछड़ा प्रदेश है और पटना शहर की समस्याएं तो विकराल रूप लेती जा रही है। शहर की आबादी दिनों दिन बढ़ती जा रही है। आबादी के अनुसार किसी भी तरह का विकास कार्य पटना में नगण्य है। पहले से ही सीवर, पेयजल, रोड़, नाली, बिजली, कूड़ा कचरा की समस्या है उसके लिए किसी भी तरह का कोई कार्यक्रम सरकार के पास नहीं है। उक्त योजना के तहत चयन होने पर पटना के वासियों को कुछ आशा की किरण दिखाई देने लगी थी कि यह केन्द्र सरकार की योजना है और इससे उनके समस्याओं का शायद निदान हो जाएगा। वह भी अब अधर में लटकती जा रही है।

अत: मैं इस सदन के माध्यम से माननीय शहरी विकास मंत्री जी का ध्यान इस ओर आकृष्ट करना चाहता हूं और निवेदन करता हूं कि पटना और बोधगया के लिए विशेष ध्यान देकर वहां आ रही बाधाओं को दूर करें तथा उक्त योजना तहत अविलंब विकास कार्य प्रारंभ करने के लिए समुचित व्यवस्था करने की कृपा करें।//528//

डिक्‍टेशन-04

अध्यक्ष महोदय, अनियंत्रित मंहगाई के कारण सामान्य जनजीवन का गुजारा अत्यंत दुष्कर, दुखद और चुनौतीपूर्ण हो गया है। खाद्यान्न, खाद्य पदार्थ एवं आवश्यक वस्तुओं के दाम निरन्तर बढ़ रहे हैं। जनता की आय से ज्यादा उसका गुजारे का खर्च हो गया है। पेट्रोल-डीजल के दामों में विगत वर्षो में की गयी वद्धि ने भी मंहगाई को बढ़ाया है। अतएव केन्द्र सरकार मंहगाई को पूर्ण नियंत्रित कर सभी उपभोक्ता वस्तुओं के दामों को कम कर तत्काल राहत के प्रभावी उपाय करे।

राजस्थान में मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज जिसके पास काफी भूमि, भवन और योग्य शिक्षक है। केन्द्र सरकार ने अभी हाल ही में राजस्थान में आई.आई.टी. खोलने की घोषणा की है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की कार्रवाई प्रारंभ हो चुकी है और जयपुर को बड़ी रेलवे लाईन से भी जोड़ा गया है। इसलिए मेरी केन्द्र सरकार से मांग है कि मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज को आई0आई0टी0 में परिवर्तित किया जाए जिससे कि राजस्थान के विद्यार्थियों को लाभ मिले।

उत्‍तर प्रदेश के बुंदेलखण्ड क्षेत्र में फरवरी माह में करीब 4 दिन लगातार मूसलाधार वर्षा हुई जिसकी वजह से किसानों की पूरी पकी हुई फसल खेत में नष्ट हो गई जिन किसानों ने गेहूं की फसल बोई थी वह भी बाद में ओलावृष्टि से नष्ट हो गई है। बुंदेलखंड का किसान पूर्व से सूखे की मार झेल रहा था। कुछ किसानों ने किसी तरह से कर्ज लेकर फसल बोई थी वह भी नष्ट हो गई। अत: मेरी केन्द्र सरकार से मांग है वर्षा एवं ओलावृष्टि से हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति हेतु एवं सूखे की मार झेल रहे किसानों को विशेष पैकेज देकर एवं कर्ज वसूली रोकने का आदेश देने का कष्ट करें जिससे बुंदेलखंड का किसान आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या जैसे गलत कदम न उठाये।

विश्व प्रसिद्ध इन दोनों पवित्र धामों को विश्व स्तर के पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किए जाने और पंढरपुर से मुम्बई के बीच चन्द्रभाग एक्सप्रेस रेलगाड़ी जो सप्ताह में केवल 2 दिन ही चलती है, को प्रतिदिन चलाये जाने के साथ साथ सांई बाबा धाम शिरडी में आने वाली श्रद्धालुओं की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए राजधानी दिल्ली में मनमाड़ तक विशेष सुपरफास्ट रेलगाड़ी प्रतदिन चलाये जाने और वहां से गुजरने वाली सभी रेलगाड़ियों की सभी श्रेणियों में आरक्षण का कोटा बढाये जाने तथा कोपरगांव से गुजरने वाली सभी रेलगाडियों को कम से कम 4 मिनट रोके जाने की आवश्यकता है। मेरा केन्द्र सरकार से अनुरोध है कि विश्व प्रसिद्ध पवित्र धार्मिक स्थलों विट्ठल मंदिर एवं बाबा सांईनाथ मंदिर की महत्ता एवं वहां आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं की श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम शीघ्र उठाये जाने का कष्ट करें।//435//

डिक्‍टेशन-05

महोदय, सभी अपने-अपने नज़रियों से इसे देखते हैं। सरकार जो कर रही है, इसमें दो राय नहीं कि काफी महत्वपूर्ण कार्य को कर रही है और विकास की गति को तेज करना भी चाहती है और यह कर भी रही है, लेकिन उसका बहुत सा अंश, जिसके लिए सरकार करना चाहती है, वह नहीं हो पा रहा है। हम सराहना करते हैं कि सरकार ने जिन योजनाओं को लागू किया, अभी माननीय सदस्य बोल रहे थे कि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना महत्वपूर्ण है। इसे पूरे देश के अंदर दो सौ जिलों में लागू किया गया, लेकिन कई राज्यों में यह बिल्कुल शुरु ही नहीं हो सकी, इसका थोड़ा-बहुत अंश शुरु हो रहा है तो उसके जो तौर-तरीके हैं, नियम एवं कायदे हैं, उसे अच्छे तरीके से नहीं किया जा रहा है। मैं इसकी स्थायी समति में हूं, मैंने देखा है कि इसे आंध्रा प्रदेश में बखूबी लागू करने का प्रयास हो रहा है और कर्नाटक में भी हो रहा है, लेकिन मैं जिस राज्य, बिहार से आता हूं वहां यह सरज़मीन पर अभी तक नहीं उतरा है। महोदय, लगातार प्रयास हो रहा है, लेकिन जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। जब सरकार ने इस योजना को लागू किया था, तब बड़ी अच्छी सोच थी। यह बात भी सही है कि 365 दिनों के लिए काम नहीं मिले, तो कम से कम 100 दिनों के लिए तो मिले। यह अच्छी बात है और इसके लिए और प्रयास होना चाहिए, लेकिन इस कार्यक्रम को सही ढंग से लागू करने की दिशा में सोच बननी चाहिए और इसे पुरजोर तरीके से लागू करना चाहिए।

महोदय, सरकार ने और अनेक कार्यक्रम जनता के कल्याण के लिए तैयार किए हैं। उनमें से एक कार्यक्रम ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन है। यह बड़ी अच्छी बात है। इन्होंने ग्रामीण विद्युतीकरण का काम शुरू किया है, यह भी ठीक है, लेकिन ग्रामीण विद्युतीकरण के कार्यक्रम के बारे में मैं कहना चाहता हूं कि यह जमीन पर कहीं भी बिहार में दिखाई नहीं दे रहा है। इसका टेंडर भी हो गया। ठेकेदार भी बहाल हो गया। भारत सरकार ने इसे सरकारी एजेंसी एन0एच0पी0सी0 के माध्यम से कराने का निर्णय लिया है और ठेकेदार के रूप में यह कार्य उसी को सौंपा गया है। हमने मंत्री महोदय से मिलकर व्यक्तिगत तौर पर भी कहा था कि एन0एच0पी0सी0 इस काम को नहीं कर पा रही है। मैं राष्ट्रपति महोदय के अभिभाषण पर धन्यवाद के प्रस्ताव पर बोलते हुए आग्रह कहना चाहता हूं कि सरकार इसे देखे कि यह जमीन पर उतरने वाला है कि नहीं। आपने नीति बनाई, कार्यक्रम बनाया, लेकिन यह कार्यक्रम जमीन पर नहीं उतरा है और इसका जनता को लाभ नहीं मिल रहा है। तीन वर्ष बीत चुके हैं और दो वर्ष बाकी हैं। आपने वर्ष 2001 तक गांव-गांव तक बिजली पहुंचाने की समय- सीमा भी तय की है। इसलिए सरकार को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए और गांवों को बिजली देने का काम पूरा करना चाहिए।

महोदय, सरकार ने एक बहुत अच्छा कार्यक्रम ग्रामीण पेयजल की आपूर्ति का शुरू किया है। आपने निर्मल ग्रामीण योजना को ग्रामीण विकास कार्यक्रम के माध्यम से शुरू किया है, लेकिन यह योजना भी बिलकुल विफल हो रही है। आपने इसके लिए पहले जो निर्धारित राशि थी, उसे बढ़ाया है, यह अच्छी बात है, क्योंकि पहले तो बहुत कम राशि थी। जो राशि बढ़ाई है, वह भी कम है। इसलिए हम सरकार से आग्रह करेंगे कि इसे और भी बढ़ाया जाए और निर्मल ग्राम योजना को पूरा करने के लिए आपको काम करना चाहिए और इसे पूरा करना चाहिए।//579//

डिक्‍टेशन-06

महोदय, राजस्थान सहित मध्य प्रदेश एवं देश के अन्य राज्यों में अफीम उत्पादकों की स्थिति विगत दो वर्षों से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से विषम बनती जा रही है। सरकार द्वारा देश के किसानों को आर्थिक विकास की गति में पूर्ण भागीदारी प्रदान कराने की निरंतर की जा रही घोषणाएं एवं वभिन्न स्तरों पर की जा रही कार्य प्रणाली का असर सरकार की घोषणा एवं मंशा के अनुरूप नहीं हो पा रहा है। ऐसी स्थिति में किसानों द्वारा ऋणों के बोझ से दबकर एवं कृषि उत्पादन वभिन्न जिन्सों का लाभकारी मूल्य प्राप्त नहीं हो पाने के कारण देश के वभिन्न क्षेत्रों में आत्महत्याओं की ओर प्रेषित हो रहे हैं, जिसे रोका जाना अतिआवश्यक है। वर्तमान में राजस्थान के झालावाड़, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बारां आदि जिलों के हजारों किसानों द्वारा अफीम उत्पादित कर अपनी आर्थिक स्थिति एवं सामाजिक स्तर बनाए हुए हैं, जिन्हें वर्तमान सरकार द्वारा गत दो वर्षों से निरंतर कृषि क्षेत्र अफीम के रकबे में कटौती एवं कृषि उत्पादकों की संख्या में कमी कर संभावित उत्पादन कम किया जा रहा है, जिससे किसानों को अफीम उत्पादन से पृथक उत्पादन की ओर जाने के लिए विवश होना पड़ रहा है। अत: इस दृष्टि से मेरा आपके माध्यम से केंद्र सरकार से आग्रह है कि राजस्थान सहित देश के अन्य राज्यों के अफीम उत्पादकों के हितों एवं वर्तमान अफीम भण्डारण की स्थिति सहित सभी राजनीतिक परिस्थितियों का विश्लेषण कर अफीम उत्पादन की नीति निर्धारण में क्षेत्रीय सांसदों एवं विधानसभा के सदस्यों सहित जन-प्रतनधियों की आम सहमति बनाकर अफीम नीति घोषित की जाए।

मैं बहुत विनम्रता के साथ कहना चाहूंगा कि उच्चतम न्यायालय में श्री मुलायम सिंह यादव जी की सम्पत्ति के मामले में एक मामला विचाराधीन था। मैं उच्चतम न्यायालय की गरिमा और प्रतिष्ठा के प्रतिकूल कोई बात नहीं कहना चाहता।वह मामला अब सी0बी0आई0 के सुपुर्द कर दिया गया है। लेकिन चुनाव से पहले ये जो कुछ किया जा रहा है, निश्चित रूप से यह एक षडयंत्र है और व्यवस्थित तरीके से चुनाव को प्रभावित करने के लिए और मुलायम सिंह जी को परेशानी में डालने के अलावा और कुछ नहीं है।

लोक सभा अध्यक्ष द्वारा दिए गए निर्देशों के अंतर्गत समिति द्वारा अपनी पहली और ग्यारहवीं रिपोर्ट में दी गई सिफारिशों वे कार्यान्वयन की स्थिति, राज्यों वे पास खर्च से बची रह गई बकाया राशियों वे मुद्दों, एआरडब्लूएसपी वे अंतर्गत अंतर घटक आबंटन और वास्तविक उपलब्धियों, बसावटों वे पूर्ण कवर की स्थिति से नीचे चले जाने, स्वजलधारा वे अंतर्गत वित्तीय और वास्तविक निष्पादन तथा सामुदायिक अंशदान, स्थिरता, जल प्रबंधन और संरक्षण वे मुद्दों, पेयजल योजना वे लिए भूजल पर निर्भरता वे मुद्दों, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता, ग्रामीण विद्यालयों में पेयजल की स्थिति, संपूर्ण स्वच्छता अभियान वे अंतर्गत वित्तीय और वास्तविक निष्पादन, मिलेनियम विकास लक्ष्य को पाने वे लिए तैयार की गई कार्ययोजना और नीतियों तथा अन्य विभागों तथा राज्य सरकारों वे साथ और अधिक समन्वय करवे संपूर्ण स्वच्छता अभियान की गति को तेज करने से संबंधित हैं।//480//

डिक्‍टेशन-07

सभापति महोदय, आज देश को महंगाई मार गई है। महंगाई के साथ-साथ ओले भी मार गए। इससे दोहरी मार देश की जनता पर पड़ी है। आज आटा, दाल और चावल के दाम बहुत बढ़ गए है। तेल और गैस लोगों को मिल नहीं रही है। उसकी एक-दो महीने की बुकिंग है। उन्हें समय पर गैस और मिट्टी का तेल भी नहीं मिल पा रहा है। पैट्रोल और डीजल के भाव बढ़ने से सब्जियां महंगी हो गईं हैं। लकड़ियां जिन से दाह संस्कार किया जाता है, वे भी महंगी हो गईं हैं। आज यह स्थिति हो गई है कि कमाओ तो टैक्स, जोड़ो तो टैक्स और मर जाओ तो टैक्स। लाश भी उस समय उठेगी जब टैक्स चुका दिया जाएगा। कमाओ, जोड़ो और मर जाओ। इन सब चीजों पर टैक्स देना पड़ता है। आज देश की जनता महंगाई और ओलावृष्टि से बहुत दुखी है। संसदीय कार्य मंत्री मेरे सामने विराजमान हैं। मेरा उनसे निवेदन है कि वह एक स्पैशन चर्चा महंगाई और ओलावृष्टि पर करवाएं। जो चीजें आसानी से नहीं मिल रही हैं, वे उपलब्ध करानी चाहिए। जिन चीजों के भाव बढ़ रहे हैं, केन्द्र सरकार को उन पर रोक लगानी चाहिए। जनता ने इनका दो जगह पर असर दिखा दिया है। वह आगे यूपी वगैरह दूसरे राज्यों में भी दिखाने वाली है। सरकार इस बारे में सचेत हो जाए। ओलावृष्टि के कारण भगवान की कुदृष्टि पड़ रही है। हम महंगाई को रोकें। मुझे विश्वास है कि मेरी बात पर सरकार गम्भीरता से विचार करेगी और एक दिन महंगाई और ओलावृष्टि पर चर्चा करवाएगी।

सभापति जी, मैं आपके माध्यम से केन्द्र सरकार का ध्यान एक बहुत ही महत्वपूर्ण मामले की ओर दिलाना चाहता हूं। पूरे देश में पिछले महीने जबरदस्त ओलावृष्टि हुई है, जिसके पूरे देश में और विशेषकर हरियाणा में फसलों की भारी तबाही हुई है। गेहूं की फसल, सरसों की फसल और सब्जियों में भारी तबाही हुई है और किसानों का भारी नुकसान हुआ है। इस तबाही का नोटिस न तो केन्द्र सरकार ने और न ही राज्य सरकारों ने लिया है। न कोई मुआवजे का ऐलान किया गया। हम हर बजट में किसानों की स्थिति के बारे में चर्चा करते हैं, लेकिन जब वास्तविक विपत्ति किसानों पर आती है, तो सब मौन हो जाते हैं।

सभापति महोदय, मैं आपके माध्यम से केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार से आग्रह करना चाहता हूं कि किसान ओलावृष्टि की वजह से पूरी तरह से बरबाद हो चुका है। कम से कम बीस हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से किसान को मुआवजा सरकार की ओर से मिलना चाहिए, नहीं तो किसानों द्वारा आत्महत्या करने की घटनाएं बढ़ती जाएंगी। अगर समय पर किसानों को हम नहीं सम्भालेंगे तो बाद में सिर्फ चर्चा करते रहने से कोई फायदा नहीं है।//446//

 

डिक्‍टेशन-08

महोदय, मेरे संसदीय क्षेत्र के मुख्यालय पालनपुर शहर होकर राष्ट्रीय राजमार्ग निकलता है। पालनपुर शहर के इन राष्ट्रीय राजमार्ग के चौराहों पर अत्यंत भीड़ होती है और आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं जिसमें कई जानें चली जाती हैं। इन राष्ट्रीय राजमार्गों के जो चौराहे हैं, उन्हीं पर ये दुर्घटनाएं होती हैं। ये चौराहे अत्यंत आबादी वाले भी हैं। उन पर ऊपरीपुल बनाया जाना अति आवश्यक है जिससे दुर्घटना को रोका जा सके और यातायात को सुगम बनाया जा सके।

बिहार प्रांत के समस्तीपुर जिला अंतर्गत नदी के कटाव से बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं। इनकी जमीन, मकान एवं माल-जान इन नदियों के कटाव के कारण इनकी आगोश में आ गए। ये लोग किसी तरह दूसरे के मकानों में रहकर मजदूरी करके अपना जीवनयापन कर रहे हैं। इन लोगों के सामने भुखमरी की स्थिति है। मैं केंद्र सरकार से मांग करना चाहूंगा कि इसका सर्वेक्षण कराकर लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। हो सके तो आप अपना ध्‍यान कुछ दिन के लिए यहां करें तो बड़ी मदद मिल जाएगी।

मैं आपके माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं कि कि राजस्थान में एल0पी0जी0 गैस की किल्लत दूर की जाए। राजस्थान में विगत कई महीनों से और विशेषकर विवाह आदि सामाजिक समारोहों की धूम होने के कारण उपभोक्ताओं को घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। अनेक नगरों में एलपीजी सिलेण्डर प्राप्ति के लिए लम्बी-लम्बी लाइनें लगानी पड़ती हैं और लंबी प्रतीक्षा के बाद भी लोग वंचित रह जाते हैं। उपभोक्ताओं को सात दिन की जगह 10-15 दिन तक और एक सिलेण्डर वाले उपभोक्ताओं को 3-4 दिन तक इंतजार करना पड़ता है। पिछले दो-तीन महीनों से विवाहों की अत्यधिक तथियां होने एवं त्यौहारों की प्रचुरता के कारण उपभोक्ताओं को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नए गैस सिलेण्डर प्राप्त करने वाले व्यक्तियों का पंजीकरण करने में भी कोताही बरती जा रही है और पंजीकरण होने पर भी कई महीनों तक गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है। गैस एजेन्सियों का कहना है कि हमें जितनी आवश्यकता है आपूर्ति उससे कम की जाती है, हम मजबूर हैं। अत: भारत सरकार से अनुरोध है कि राजस्थान के गांवों और नगरों में एलपीजी गैस की किल्लत अविलम्ब दूर करने के आदेश प्रदान करें जिससे गैस उपभोक्ताओं को सहज गैस उपलब्ध हो तथा आवश्यकतानुसार डीलरों की संख्या बढ़ाई जाए एवं व्यावसायिक दुरुपयोग रोकने के लिए ऑटो गैस के पम्प स्थापित किए जाएं।//405//

 

डिक्‍टेशन-09

सभापति महोदय, राजस्थान के सिंहद्वार अलवर, जहां का मैं प्रतनधित्व करता हूं में केन्द्र सरकार द्वारा की जाने वाली आई0आई0टी0 की स्थापना की पूर्ण पात्रता रखता है। लेकिन राजनैतिक भेदभाव के कारण पूर्वी राजस्थान के सबसे बड़े जिले अलवर में आजादी के 60 वर्ष बाद भी सरकारी क्षेत्र में न कोई मेडीकल कॉलेज है, न ही इन्जिनियरिंग कॉलेज है। कृषि व पशु पालन व डेयरी क्षेत्र में राजस्थान के इस अग्रणी जिले में एग्रीकल्चर कॉलेज, वैटरनरी कॉलेज अथवा डेयरी कॉलेज भी नहीं है। अलवर को अभी तक विश्वविद्यालयी शिक्षा का भी सौभाग्य प्राप्त नहीं हुआ है। प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रस्तावित आई0आई0टी0 को किसी ऐसे क्षेत्र में ले जाना चाहती है, जहां से भाजपा के सांसद जीते हों। अलवर राज्य में आई0आई0टी0 के लिए काफी भूमि उपलब्ध है। मैं आपके माध्यम से माननीय मानव संसाधन मंत्री से अपनी ओर से और अलवर की जनता की ओर से प्राथना करना चाहूंगा कि राष्ट्रीय राजधानी परिक्षेत्र के इस जिले में आई0आई0टी0 की स्थापना की जाए।

मैं बहुत ही महत्वपूर्ण विषय की ओर सरकार का ध्यान आपके माध्यम से आकर्षित करना चाहता हूं। देश में आतंकवादी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। लखनऊ का एक समाचार है कि वहां जिला कचहरी में, दो ऐसे आतंकवादी, जिन पर पोटा लगा हुआ है और पाकिस्तान के निवासी है तथा उनमें से एक को फांसी की सजा हुई थी, उन्हें लखनऊ की अदालत में भेजा गया था। वहां वे शौचालय के बहाने गए और बंदूक ले आए। उसके बाद बंदूक लहराते हुए पुलिस की अभिरक्षा से भाग गए। इसमें एक आतंकवादी का नाम सईद उर्फ निसार अहमद और दूसरे का नाम मकसूद उर्फ अशफाक है। ये दोनों पाकिस्तान के रहने वाले थे। इनमें से एक को अगस्त 2004 में अदालत ने मृत्युदंड की सजा भी सुना दी थी। इसके बाद भी केवल एक निरीक्षक और दो सिपाही के साथ बिलकुल सामान्य तरीके से अदालत में लाया गया। जिस प्रकार से वे भागे, कचहरी में मौजूद लोगों का मानना है कि जिस प्रकार से इन गंभीर अपराधियों को रखना चाहिए था, उस अभिरक्षा में नहीं ले जाया गया और वे पुलिस अभिरक्षा के बावजूद भागने में सफल हो गए। मैं चाहता हूं कि सरकार गंभीरता से इस मामले की जांच करे कि किस वजह से वे भागने में सफल हुए और इस संदर्भ में क्या कार्यवाही की गई है?//400//

 

डिक्‍टेशन-10

महोदय, भारतीय संविधान वे अन्तर्गत उच्चतम न्यायालय का गठन किया गया है। दिल्ली स्थित उच्चतम न्यायालय वे द्वारा अपने दावों वे निपटान हेतु देश वे सभी राज्यों से लोग यहां आते हैं। दिल्ली उत्तर भारत क्षेत्र में देश की राजधानी का शहर है। यहां पर उच्चतम न्यायालय में अपना न्याय पाने वे लिए आने वाले मध्य भारत तथा दक्षिण भारत वे लोगों को बहुत तकलीफ होती है। मध्य भारत वे महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और दक्षिण भारत वे कर्नाटक, आंध्रा प्रदेश, तमिलनाडु और अंडमान निकोबार से उच्चतम न्यायालय वे लिए आने वालों को दिल्ली से अधिक दूरी तथा संपर्व सुविधा वे अभाव से बेहद तकलीफ झेलनी पड़ती है। यह उनवे लिए आर्थिक रूप से अधिक खर्चीला तथा समय की बर्बादी स्वरूप होता है। इस बात को देखते हुए मध्य भारत तथा दक्षिण भारत वे वधिवेत्ताओं द्वारा भी उच्चतम न्यायालय की शाखा खोलने की मांग की गयी है।

मध्य भारत तथा दक्षिण भारत वे लोगों को दिल्ली आने-जाने में होने वाली तकलीफ तथा यहां वे विधिवेत्ताओं की मांग को देखते हुए मध्य भारत स्थित नागपुर में उच्चतम न्यायालय की पीठ बनाया जाना सबके लिए सुविधाजनक हो सकता है। नागपुर देश वे शून्य मिल यानी जीरो माइल स्थित और सभी राज्यों से सड़क, रेल तथा हवाई सेवा वे माध्यम से जुड़ा हुआ शहर है। मध्य भारत और दक्षिणी भारत वे लोगों वे लिए यह सुविधाजनक होने से यहां वे लोग इसका समुचित लाभ उठा सकते हैं। यह देखते हुए नागपुर में उच्चतम न्यायालय की खंडपीठ की स्थापना तत्काल करने की आवश्यकता है।

भारत सरकार समय-समय पर वित्त आयोग का गठन देश की अर्थव्यवस्था एवं वित्त व्यवस्था को सुचारू रुप से चलाने हेतु करती है, परंतु इस आयोग के गठन से लेकर कार्यों की चर्चा करने में केवल नौकरशाही, उद्योगपतियों एवं व्यापारी लोग भूमिका निभाते हैं। इसलिए वित्त आयोग के कार्यों में सांसदों की राय ली जाए और जो कार्य जिस सांसद के क्षेत्र में हो रहे हैं, उससे संबंधित सांसद को अवगत करवाया जाए और राय भी ली जाए। सदन के माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि वित्त आयोग के गठन एवं कार्यो के निष्पादन में सांसदों की राय ली जाए और आम आदमी के जीवन स्तर का अवलोकन भी किया जाए। साथ ही साथ मेरे संसदीय क्षेत्र में 12वें वित्त आयोग द्वारा जो कार्य किये गये हैं, उसकी जानकारी उपलब्ध करवाई जाए।

कृपया अगले सप्ताह की कार्यसूची में दों विषय जरूर जोड़े जाएं। पहला तो ये कि पूरे देश में विद्युत पुल के कोटे छत्तीसगढ़ राज्य सहित अनेक राज्यों में 300 मेघावाट की प्रति राज्य की कटौती होने के कारण किसान, उद्योगपति एवं उपभोक्ता परेशान एवं उदास हैं। विद्युत कटौती समाप्त करने की आवश्यकता। और दूसरा यह कि गरीबी रेखा से जीवनयापन करने वाले एवं अति गरीब वर्ग के श्रेणी में आने वाले लोग, मिलने वाले प्रति परिवार 25 किलो चावल, 25 किलो की कमी केन्द्र द्वारा की गई है। पुन: विचार कर 25 किलो चावल दिए जाने की आवश्यकता, जिससे गरीब वर्ग अपने परिवार के साथ सवेरे शाम पेट भर भोजन कर सके।//500//

2 thoughts on “10 डिक्टेशन(हिंदी माध्यम) का कैप्‍सूल-3”

  1. Sir, please provide the link of the audio of the dictation. I tried more time to find the link or option to download the audio to practice of dictation. (Mob – 9599712668)

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